दुनियां के मज़दूरों एक हो’, मगर कैसे? लेखक-सैयद शहनशाह हैदर आब्दी
‘दुनियां के मज़दूरों एक हो’, मगर कैसे? मेहनतकशों के आंदोलन का एक महत्वपूर्ण और लोकप्रिय नारा है- ‘दुनियां के मज़दूरो एक हो’। हमारा भी मानना है कि जब तक वे एक नहीं होंगे, तब तक मानव मुक्ति संभव नहीं। इसलिए संघर्ष के हर रण क्षेत्र में यह नारा जोश भरे स्वर में लगाया जाता है।…
