दूसरों की कमियां गिनाकर, कोई व्यक्ति समाज अथवा संगठन आगे स्थाई उन्नति कर सकता है?
होली के पावन रंगीन पर हार्दिक शुभकानाओं के साथ – ज़रा ठहरिये और मंथन कीजिए… “शहर जल सकते हैं उड़ती हुई चिंगारी से, कोई मज़हब कभी फलता नहीं ख़ूख़्वारी से। आग होली की उछालें न कहीं फ़िरक़ापरस्त, दोस्तो, रंग जमाये रहो पिचकारी से।” आज जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय या अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का जहाँ नाम…
