झांसी वाले बत्ती के मिलकवे -बुझबे से जु़दे परेशान हो गए, कोई नई सुन रओ
झांसी। डीएम साहब ,आजकल आसमान से बरस रही । आग से बचबे के लाने लोगबाग घरन में पिड जात, ताकै नौनो लगे। पर, घरन में बत्ती चैन नई लैन दे रई। पूरे झांसी बारे रातन को सो नई पारय, मुलएक दिना हो गय। पत्तो नई कबलोउ एसन रेन परे! साहब, आपको तो पतो हुए बिजरी…
