इस्लामी नया साल “हिजरी” क्यों कहलाता है? इस्लामी नए साल की मुबारकबाद का औचित्य?
मुहर्रम (ग़मगीन पर्व) पर विशेश हमारे नबी रसूले ख़ुदा मोहम्मद मुस्तफा सल्लाहोअलैहेवसल्लम, चारों खुलाफा ए राशेदीन, सभी इमामों और हमारे बुज़ुर्गों और किसी राजनेता, शासनाध्यक्ष आदि ने आज तक इस्लामी नए साल की मुबारकबाद क्यों नहीं दी? कभी सोचिये? दरअसल इस्लामी नया साल रसूले खुदा की ‘हिजरत’ से शुरू होता है। यानी हमारे नबी सल्लल्लाहोअलैहेवसल्लम…
