CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी!
जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने दोनों की उम्र 27 और 30 साल बताते हुए कहा, “तकनीकी रूप से आप Gen Z नहीं हैं।”
जब उनके वकील ने कहा कि वे युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, तो जस्टिस प्रसाद ने टिप्पणी की, “शुरुआत में यह छात्रों का प्रदर्शन था, जिसमें बच्चे शामिल थे। लेकिन अब मुद्दा बदल चुका है। लोग वही हैं, मगर आंदोलन का उद्देश्य बदल गया है।”
कोर्ट ने कहा कि अब SEM यह पूछ सकता है कि आप कौन हैं, किस संगठन से जुड़े हैं और आपका उद्देश्य क्या है। आंदोलन के दौरान सत्ता परिवर्तन जैसी बातें भी कही जा रही हैं।
शांति बॉन्ड की शर्तें तोड़ने के मामले में अदालत ने और सख्त जांच की जरूरत बताई।
