अब मौनी बाबाओं को बोलना पड़ेगा या गद्दी छोड़नी होगी।बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा का संघर्ष अब और तेज होगा

झांसी।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के कोर कमेटी की आवश्यक बैठक में निर्णय लिया गया कि अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधि जो व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण मौन धारण किए हुए हैं उनका सड़कों पर विरोध करके उनका असली चेहरा जनता को दिखाया जाएगा।
जो जनप्रतिनिधि अपनी जन्म भूमि का नहीं हुआ वो जनता का क्या होगा। लगभग सभी जनप्रतिनिधि अपनी संपत्ति बढ़ाने और परिवार के लिए कार्य कर रहे जिस कारण बुंदेलखंड क्षेत्र और पिछड़ता जा रहा है।
बैठक उपरान्त मोर्चा के योद्धाओं को डॉ बट्टू के सुपुत्र डॉ दिलीप शर्मा ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण आन्दोलन को गति देने के लिए इक्यावन हजार रुपए की थैली भेंट करते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद चहुमुखी विकास होगा इसलिए लोगों को अपनी अपनी तरह से सहयोग करने अपने आप आगे आना चाहिए।
मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने थैली स्वीकारते हुए कहा कि डॉ दिलीप शर्मा के स्वर्गवासी पिता डॉ बट्टू, विश्वनाथ शर्मा एवं शंकर भैया के साथ बुंदेलखंड राज्य निर्माण के संघर्ष में जुड़े रहे। अपने पिता के सपने के साथ जुड़कर डॉ दिलीप शर्मा ने दो साल पहले स्कॉर्पियो कार बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा को दी और अब अपने पिता डॉ बट्टू की स्मृति में इक्यावन हजार रुपए की थैली मोर्चा को भेंट कर, मुनि श्री 1008 विष्णु सागर महाराज के बाद अब दूसरे व्यक्ति बन गए हैं जिन्होंने सामने से बुलाकर मोर्चा के संघर्ष को गति देने के लिए इक्यावन हजार रुपए का सहयोग प्रदान किया हैं। मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह से आन्दोलन बढ़ता जा रहा हैं और बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे, इस कारण अब आन्दोलन को गति देने के लिए धन की आवश्यकता होने लगी है।
थैली स्वीकार करने वालो में महामंत्री अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, हनीफ खान, उत्कर्ष साहू, प्रदीप झा, अनिल कश्यप, ब्रजेश राय आदि शामिल रहे।
भानू सहाय अध्यक्ष
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा

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