झांसी। पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत, झांसी द्वारा आयोजित एक गरिमामय बैठक समाज के उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस बैठक में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, युवा साथी एवं झूलेलाल सिंधी सेवा मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान झूलेलाल जी के स्मरण एवं “जय झूलेलाल” के जयघोष के साथ हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माननीय श्री अमृत राजपाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
माननीय अमृत राजपाल जी इन दिनों बुंदेलखंड के विभिन्न शहरों के दौरे पर हैं, जहां वे सिंधी समाज को संगठित, सशक्त और सामाजिक रूप से अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य से समाजजनों से संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में वे झांसी पहुंचे और पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत की बैठक में शामिल हुए।
उनके आगमन पर पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष, मुख्य संरक्षक, वरिष्ठ संरक्षक, संरक्षक, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, झूलेलाल सिंधी सेवा मंडल के अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी एवं अन्य पदाधिकारियों ने पुष्पमालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। पूरे सभागार में “जय झूलेलाल” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में माननीय अमृत राजपाल जी ने सिंधी समाज की एकता, शिक्षा, भाषा, संस्कृति और राजनीतिक भागीदारी को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा—
“सिंधी समाज की जनसंख्या भले ही लगभग एक प्रतिशत हो, लेकिन देश के विकास, व्यापार और कर अदा करने में हमारी भागीदारी 5 प्रतिशत से भी अधिक है। यह हमारी मेहनत, ईमानदारी और व्यापारिक क्षमता का प्रमाण है।”
उन्होंने समाज के लोगों द्वारा सिंधी भाषा, सिंधी शिक्षा, संगठनात्मक व्यवस्था तथा समाज की वर्तमान चुनौतियों को लेकर उठाई गई शंकाओं का विस्तार से समाधान किया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिंधी भाषा और संस्कृति को बचाना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा—
“यदि हम अपनी भाषा भूल जाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ अपनी पहचान खो देंगी। सिंधी पढ़ाई, सिंधी भाषा और समाज की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करना हम सभी का दायित्व है।”
माननीय राजपाल जी ने लेह-लद्दाख में आयोजित होने वाली प्रसिद्ध सिंधु दर्शन यात्रा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत सरकार द्वारा इस यात्रा हेतु अनुदान भी प्रदान किया जाता है ताकि अधिक से अधिक सिंधी समाज के लोग इसमें सहभागिता कर सकें।
उन्होंने कहा—
“सिंधु दर्शन यात्रा हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है। यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, हमारी विरासत और हमारी संस्कृति का गौरव है।”
उन्होंने आगे कहा—
“पूरे देश में सिंधी समाज की आबादी के अनुपात को देखें तो कम से कम चार से पांच लोकसभा सीटों पर सिंधी प्रतिनिधित्व होना चाहिए। हमें केवल दर्शक नहीं, निर्णय लेने वाली शक्ति बनना होगा। राजनीति में भागीदारी से ही समाज की आवाज मजबूत होगी।”
राजनीतिक भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सिंधी समाज से सक्रिय राजनीति में आगे आने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी की नीतियों को जनहितकारी बताते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा—
“समाज को केवल सामाजिक रूप से ही नहीं, राजनीतिक रूप से भी सशक्त होना होगा। 2027 में हमें ऐसी सरकार के लिए संगठित होना है जो सभी वर्गों, व्यापारियों, युवाओं और समाज के हित में कार्य करे। समाजवादी पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, भाईचारे और सर्वसमाज के सम्मान की राजनीति करती आई है।”
पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के मुख्य संरक्षक चंद्र प्रकाश नैनवानी ने अपने वक्तव्य में कहा—
“पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के निर्माण से लेकर आज तक समाज ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन समाज की एकता और भगवान झूलेलाल जी की कृपा से हम निरंतर आगे बढ़ते रहे हैं।”
उन्होंने पंचायत की स्थापना, उसके उद्देश्यों, वर्षों से किए जा रहे सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा कार्यों तथा समाज की वर्तमान आवश्यकताओं की जानकारी माननीय अमृत राजपाल जी के साथ साझा की।
पंचायत के अध्यक्ष हरीश हासानी ने कहा—
“समाज की मजबूती केवल बैठकों से नहीं, बल्कि एकजुट होकर कार्य करने से आती है। हमें अपनी नई पीढ़ी को समाज, संस्कृति और सेवा से जोड़ना होगा। आज अमृत राजपाल जी जैसे वरिष्ठ मार्गदर्शक का मार्गदर्शन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।”
बैठक के अंत में समाज के पदाधिकारियों द्वारा माननीय अमृत राजपाल जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा भगवान झूलेलाल जी का स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।
मीडिया प्रभारी दिनेश कोडवानी ने पूरे कार्यक्रम का सुंदर एवं व्यवस्थित संचालन किया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं समाजजनों का स्वागत करते हुए कहा—
“समाज को आगे बढ़ाने के लिए हमें व्यक्तिगत सोच से ऊपर उठकर सामूहिक हित में कार्य करना होगा। जब समाज संगठित होगा, तभी हमारी आने वाली पीढ़ियाँ सुरक्षित और सशक्त बनेंगी। सिंधी समाज की एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
इस अवसर पर हरीश हासानी, चंद्र प्रकाश नैनवानी, राम अहूजा, कलतार सिंह भम्भानी, राजकुमार बसरानी, महेश पवानी, जयकिशन फ़बयानी, आकाश खियानी, दिनेश कोडवानी, बसंत रंगलानी, टोनी गोदवानी, अनिल मखीजा, जतिन बचवानी, धीरज कुकरेजा, सुनील सिंधी, तरुण हिरवानी, तुषार हिरवानी, अमित खियानी, सुरेश ठारवानी, पवन खियानी, दीपक दलवानी, कमल हिरवानी, चंदू कोडवानी, जगदीश सुंदरानी, मनीष चंचलानी, प्रतीक बचवानी, खीयल दास पंजवानी, अशोक वाधवानी, नितिन रमानी, बाबू रमानी, घनश्याम खेमानी, कन्हैयालाल आहूजा, प्रकाश दानवानी, निरंकारी, मोतीलाल दौलतानी, दीपांश रमानी, सोनू राजपाल आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
अंत में दिनेश कोडवानी ने उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त किया।
*दिनेश कोडवानी*
*मीडिया प्रभारी*
*पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत, झांसी*
