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श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुआ 28वां चालीहा व्रत महोत्सव* टीजड़ी पर्व के साथ हुआ 40 दिवसीय आयोजन का भव्य समापन, अमर कथा के अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

*श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुआ 28वां चालीहा व्रत महोत्सव*

टीजड़ी पर्व के साथ हुआ 40 दिवसीय आयोजन का भव्य समापन, अमर कथा के अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

झांसी। भगवान श्री झूलेलाल जी की भक्ति, श्रद्धा और आस्था से सराबोर 28वें पावन 40 दिवसीय भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत महोत्सव का सोमवार को पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत भवन में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण के बीच भव्य समापन हुआ। समापन दिवस पर पावन टीजड़ी पर्व और अमर कथा के तृतीय एवं अंतिम दिवस के आयोजन ने कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।

40 दिनों तक चले इस पावन महोत्सव के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंचायत भवन पहुंचे। पूरे परिसर में भगवान श्री झूलेलाल जी के जयकारों और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। टीजड़ी पर्व की कथा का आयोजन किया गया।व्रतधारी माताओं एवं बहनों ने श्रद्धा और विधि-विधान के साथ टीजड़ी पर्व मनाया तथा चंद्रमा के दर्शन कर अर्ध्य देकर अपना व्रत पूर्ण किया।

इसके पश्चात अमर कथा के तृतीय एवं अंतिम दिवस का वाचन प्रारंभ हुआ।

संत साईं लाल दास साहेब जी ने कहा कि भगवान श्री झूलेलाल जी केवल सिंधी समाज के आराध्य देव ही नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम, सेवा, भाईचारे और मानवता के संदेश के प्रतीक हैं। चालीहा व्रत महोत्सव जैसे आयोजन समाज को अपनी आध्यात्मिक जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि 40 दिनों तक श्रद्धालुओं ने जिस श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ चालीहा व्रत का पालन किया, वह भगवान श्री झूलेलाल जी के प्रति उनकी अटूट आस्था को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि अमर कथा का श्रवण केवल कथा सुनना नहीं, बल्कि भगवान झूलेलाल जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का अवसर है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए जरूरतमंदों की सेवा, समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने चालीहा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत एवं समस्त समाजबंधुओं को शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

अमर कथा के अंतिम दिवस श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा के समापन के साथ ही 40 दिनों से चल रहे इस धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णता हुई। इस वर्ष अमर कथा का आयोजन चालीहा महोत्सव का विशेष आकर्षण रहा।

श्रद्धालुओं ने भगवान श्री झूलेलाल जी की महिमा एवं धार्मिक प्रसंगों का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

मुख्य अतिथि संदीप सरावगी ने भगवान श्री झूलेलाल जी के दरबार में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की और समाज की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने चालीहा व्रत महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के पदाधिकारियों एवं समस्त समाजबंधुओं को बधाई दी।

पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष हरीश हासानी ने कहा कि भगवान श्री झूलेलाल जी के प्रति समाज की अटूट आस्था ही इस 40 दिवसीय महोत्सव की सबसे बड़ी शक्ति रही। उन्होंने कहा कि चालीहा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से ही इतना भव्य आयोजन सफल हो सका।

आकाश खियानी ने कहा कि चालीहा व्रत महोत्सव के दौरान जिस प्रकार माताओं-बहनों, युवाओं, बच्चों और वरिष्ठजनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की, वह समाज की एकजुटता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री झूलेलाल जी की भक्ति ने सभी को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगी परिवारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को और भव्य रूप दिया जाएगा।

दिनेश कोडवानी ने कहा कि 40 दिनों तक चले इस महोत्सव में समाज के प्रत्येक वर्ग का अभूतपूर्व सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि अमर कथा, भजन संध्या, सत्संग, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उत्साह ने महोत्सव को यादगार बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से सभी व्रतधारी माताओं-बहनों, संतों, कलाकारों, अतिथियों, समाजबंधुओं तथा सहयोगी परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और सेवा भावना के कारण चालीहा महोत्सव का सफल एवं गरिमामय समापन संभव हो पाया।

40 दिनों तक चला आस्था और एकता का महापर्व
चालीहा व्रत महोत्सव के 40 दिनों के दौरान भगवान श्री झूलेलाल जी की आरती, अमर कथा, सत्संग, भजन संध्या, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित अनेक आयोजन हुए। समाज के बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। विभिन्न अवसरों पर बाहर से आए संतों एवं कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों और प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया।

इस अवसर पर हरीश हासानी, आकाश खियानी, जय किशन फब्यानी, दिनेश कोडवानी, गिरीश प्रेमानी, जय किशन पारेचा, बसंत रंगलानी, सुनील नैनवानी, महेश पमनानी, कमल हिरवानी, बबीता हासानी, हर्षा कोडवानी, जानवी फुलवानी, डॉक्टर दीपशिखा कृपलानी
पलक कुकरेजा, पूनम हिरवानी अन्नू कोडवानी सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे मौजूद रहे।

समापन अवसर पर पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत की ओर से सभी श्रद्धालुओं, व्रतधारी माताओं-बहनों, सहयोगी परिवारों एवं आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया गया।

चालीहा महोत्सव का यह 40 दिवसीय धार्मिक सफर पूर्ण हो गया, लेकिन भगवान श्री झूलेलाल जी के प्रति श्रद्धा, आस्था और भक्ति का यह भाव समाज के हृदय में सदैव बना रहेगा।

*दिनेश कोडवानी*
*मीडिया प्रभारी सिंधी समाज झांसी*

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