जन-जन के लिए कल्याणकारी है जिनवाणी: विशाश्री माताजी
*समूचे बुंदेलखंड का सौभाग्य बढ़ायेगा विशाश्री माताजी का चातुर्मास: प्रदीप जैन आदित्य*
झांसी। दिगम्बर जैन पंचायत समिति, चातुर्मास समिति एवं सकल जैन समाज झांसी के तत्वावधान में आयोजित पावन वर्षायोग में लीन ससंघ (15 पिच्छी) परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने शनिवार को धर्म संदेशना देते हुए कहा कि वर्तमान स्वामी के शासन में उनकी पावन अमृतमयी वाणी जिनवाणी है जो जन- जन को आनंद देने वाली एवं कल्याणकारी है। जितने लोग भगवत्ता के मार्ग पर चलकर प्रभुता को प्राप्त कर मोक्ष को प्राप्त हुए हैं , वह सब जिन वाणी के श्रवण करने से ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि जिनवाणी का श्रवण कर भगवत्ता को प्राप्त कर सकते हैं अर्थात जिनवाणी को आचरण में उतारकर कर ही मनुष्य भगवान बन सकता है, इसलिए मन को एकाग्र करके, श्रद्धा,भक्ति, आस्था और समर्पण के साथ जिनवाणी का श्रवण करें। नैष्टिक श्रावक की ग्यारह सीढियां बताते हुए वे कहती हैं कि सम्यक दर्शन होने के बाद मनुष्य में भगवान बनने की योग्यता आ जाती है किंतु जिनवाणी सुनने से ही मनुष्य का भाव बदलता है, कि वह अब से नियम संयम लेगा।इससे पूर्व दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन लोकपथ ने माताजी की आध्यात्मिक यात्रा के बारे में विस्तार से बताया।
इस मौके पर बोलते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि परम विदुषी माताजी का यह चातुर्मास समूचे बुंदेलखंड का सौभाग्य बढ़ायेगा। पिछले 32 वर्षों से पूरे देश में आध्यात्मिक ज्योति का प्रकाश फैला रही माताजी ने अब तक तीन दर्जन से अधिक ग्रंथों की रचना की है । उन्होंने कहा कि उनके ग्रंथों के पठन पाठन एवं माताजी के मंगल उपदेश सुनकर और उनका अनुसरण करके समस्त बुंदेलखंड वासी लाभान्वित होंगे।
पूज्य माताजी के पावन सानिध्य एवं पं विनोद जैन बबीना के मार्गदर्शन में शनिवार को शांति धारा करने का सौभाग्य संजय जैन श्रीमती सरोज जैन,सुशील कुमार जैन एवं अनिल कुमार जैन(म.प्र). को प्राप्त हुआ। संचालन दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन एवं कारगुवा जी मंत्री एड . शिरोमणि जैन ने संयुक्त रुप से किया।अंत में एवं चातुर्मास समिति के मुख्य संयोजक विनोद जैन ठेकेदार ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर राजकुमार जैन बाबा, बाहुबलि जैन, निर्माण मंत्री भागचंद जैन,सुनील जैन करगुवांजी जी, सौरभ जैन सर्वज्ञ, अंकित सर्राफ,बबली चाची, श्वेता जैन,कल्पना जैन, मनोरमा जैन आदि मौजूद रहे।
