केशवपुरधाम के महंत की उपाधि से विभूषित हुए बिरजू महाराज
संत सम्मेलन में मिली महंती, साधु संतों ने छका भण्डारा
झांसी। केशवपुर धाम में आयोजित रजत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को विशाल संत समागम एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया।संत समागम में बुंदेलखंड के कौने कौने से संत, महंत, मण्डलाचार्य एवं महामंडलेश्वर पधारे, जिन्होंने केशवपुर धाम के गुरुजी पं बृजमोहन मिश्रा(बिरजू महाराज) को केशवपुर धाम के महंत की
उपाधि से विभूषित किया। बुंदेलखंड संत समिति के अध्यक्ष एवं छारद्वारी हनुमान मंदिर के महंत त्रिलोकी रामदास महाराज की अगुआई में आयोजित संत समागम में
महावीर दास ब्रह्मचारी पारीछा,सालिगराम दास महाराज आल्हाघाट, महामंत्री श्यामदास महाराज चिरगांव,साकेत बिहारी महामंडलेश्वर चिरगांव, विश्व भूषण दास महाराज तुलसी पीठ पारीछा,प्रवीण दास अमरा, भरतदास महाराज छारद्वारी,हेतराम रामायणी कोतवाल,राम बालकदास वेदांती आश्रम, हरीशरण दास आजादपुरा, मातृशक्ति संत राम-जानकी, रामप्यारे दास महाराज पनियापुल,हेमंत कौशिक हरपालपुर सहित अनेकों संत महंतों के पावन सानिध्य में महंत त्रिलोकी रामदास महाराज ने पं बृजमोहन मिश्रा को महंत की उपाधि से विभूषित करते हुए केशवपुर धाम के महंत पद से नवाजा। कल्याण दास महाराज छिरौना की अध्यक्षता में आयोजित इस संत सम्मेलन में सभी संत महंतों ने विद्वान विप्रजनों द्वारा उच्चारित वेद मंत्रों एवं स्वस्ति वाचन के बीच उनका तिलक बंदन कर महंत पद से नवाजते हुए शुभाशीष दिया। बिरजू महाराज को महंत पद की उपाधि मिलते ही केशवपुर धाम के श्रद्धालु भक्तों ने जमकर पुष्प वर्षा की।इस मौके पर कमेटी के संरक्षक रामस्वरूप साहू शारदा हिल्स,मेला प्रभारी राजकुमार साहू,आमोद किलपन, अनूप सहगल, प्रमोद गांधी,अमित गांधी,विनोद साहू एवं एकांश मिश्रा एवं मामा दतिया ने बड़ी माला पहनाकर आत्मीय स्वागत बंदन कर शुभाशीष लिया।
इससे पूर्व महावीर दास ब्रह्मचारी पारीछा ने संत सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस स्थान पर नर सेवा, नारायण सेवा, संत सेवा, गौमाता की सेवा,दीन हीनों की सेवा, ब्राह्मण सेवा एवं अनाथों की सेवा आदि छह प्रकार की नित्य सेवायें होती हैं वह पूर्ण स्थान माना जाता है। उस स्थान पर आगे भी यह सभी व्यवस्थायें प्रतिदिन निर्बाध रुप से संचालित होती रहें उनकी देखरेख के लिए सनातन धर्मानुसार एक महंत चुना जाता है।उन्होंने कहा कि जिसमें महत्त्ता हो वही इस पद के योग्य होता है। इस मौके पर सभी संत महंतों का आशीर्वाद लेते हुए महंत बृजमोहन दास महाराज ने कहा कि बुंदेलखंड के संत महंतों ने आज जो सम्मान उन्हें प्रदान किया है वे सदैव सभी के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
संत सम्मेलन उपरांत सभी साधु संतों को भण्डारा प्रसादी करायी गयी।संतों को शाल माला एवं रामनाम की पट्टिका पहनाकर महंत विरजू महाराज ने सभी का बंदन किया एवं दक्षिणा देकर साधु संतों को विदा किया। प्रातः कालीन वेला में पंचकुंडीय श्रीसीताराम महायज्ञ में यज्ञाचार्य हेमंत कौशिक हरपालपुर के आचार्यत्व में विश्व-कल्याण की कामना से ने सभी यजमानों ने यज्ञ वेदिका में आहुतियां दी एवं कन्या पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर विधि-विधान से उनका पूजन अर्चन कर आरती उतारी। इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।अंत में बृजेश नारायण अगरिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।
सायंकालीन वेला में बुंदेली वाद्य यंत्र, ढांक एवं गोटों का मुकाबला हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आये गोटियों ने श्री खाती बाबा की महिमा का अपने अपने तरीके से गायन कर हाजिरी लगाई। इस दौरान वर्षो से चली आ रही परंपरानुसार छठ का दरबार भी सजा जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की खातिर अर्जी लगाई।
