झांसी के इस जाबांज योद्वा की कहानी मे बहुत दम है

झांसीः कहते है कि जो जमीन से जुड़ा होता है, उसका ही खुदा होता है। ईश्वर के हर रंग  आपको अपनी  जिन्दगी मे  सफर के दौरान नजर आएंगे। आपने यदि जीवन पथ पर अपने संघर्ष की गाथा लिखने मे  कोताही बरती, तो यकीन मानिये आप राजेन्द्र कुमार गेड़ा उर्फ राजू रददी वाले जैसे नहीं बन पाएंगे। आज राजू का वो मुकाम है, जिसे पहुंचने तक उन्होने  अपनी गरीबी को आड़े नहीं आने दिया। राजू से हमारे संवाददाता देवेन्द्र कुमार व रोहित जाटव ने बात की।

शहर की तंग गलियो से एक है सुभाष गंज क्षेत्र मे  परवारन मुहल्ला। यहां घनी बस्ती के बीच राजेन्द्र कुमार गेड़ा उर्फ राजू रददी वाले का मकान है। प्यार से राजू के नाम से पहचाने जाने वाले राजेन्द्र के नाम के आगे रददी वाला जुड़ने की रोचक कहानी है।

बचपन मे  राजू के परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब थी। परिवार को दो जून की रोटी के लिये कड़ी मशक्कत करना पड़ती थी। राजू बताते है कि वो अखबारो  के कार्यालय से पुराने अखबार लाते थे। उनके लिफाफे बनाये जाते। इसके अलावा रददी बेचने का काम भी करते थे।

उस दौर मे  अखबार की रददी की कीमत ज्यादा नहीं होती थी। लिफाफे भी ज्यादा मंहगे नहीं बिकते थे, लेकिन परिवार का पालन करने के लिये राजू की ईमानदारी मे  यह काम जुड़ गया। संस्कारी परिवार से संबंध रखने वाले राजू ने इस व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुये इसमे  जीवन के कई साल बिताए। ईश्वर की कृपा हुयी और कारोबार चल निकला।

राजू बताते है कि उन्हे  शुरू से ही समाजसेवा का शौक रहा। यह उनके जीवन का सबसे अनमोल हिस्सा है। वो जानते है कि समाज मे  किस वर्ग को कौन सी परेशानी है।

राजू बताते है कि सन 2005 से वह गहोई समाज से जुड़े हैं। उन्हांेने समाज के सहयोग से अस्पतालो  मे  एंबुलेंस, फ्रिज आदि दिये। वो जेसीआई रानीलक्ष्मीबाई मे  अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं।

उन्हांेने बताया कि परवारन मुहल्ला मे  पिछले 36 सालो से दुर्गा प्रतिमा स्थापित हो रही है। इस बार वह समिति के अध्यक्ष हैं। अपनी समाज सेवा का जुनून ही रहा कि उन्होने  पिछली बार सभासद का चुनाव लड़ा। इस बार फिर  से तैयारी कर रहे हैं। अब राजू को समाज के साथ पूरे वार्ड मे  सहयोग मिल रहा है।

राजू को समाज के विभिन्न संगठनो  द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है, जिसमे  जेसीआई द्वारा कमल पत्र, गहोई समाज द्वारा सम्मान शामिल है।  राजू जिस अंदाज मे अपने जीवन को संघर्ष के साथ मुकाम तक लेकर आये, वो दूसरो के लिये प्रेरणा है। मार्केटसंवाद ऐसे जीवट व्यक्तित्व को सलाम करता है।

 

 

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