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धार्मिक आयोजनों में विधर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग, विहिप-बजरंग दल की संयुक्त

धार्मिक आयोजनों में विधर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग, विहिप-बजरंग दल की संयुक्त प्रेस वार्ता

सोमेंद्र यदुवंशी और संगीता जोशी ने रखे संगठन के विचार, डॉ. संदीप सरावगी ने धार्मिक मर्यादा एवं परंपराओं के सम्मान पर दिया जोर

झांसी। संघर्ष सेवा समिति कार्यालय पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में आगामी नवदुर्गा उत्सव, दुर्गा पंडालों, डांडिया कार्यक्रमों एवं मेलों के आयोजन को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। इस दौरान धार्मिक आयोजनों की मर्यादा, सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रमों में विधर्मियों के प्रवेश को लेकर संगठन की चिंताएं एवं मांगें सामने रखी गईं।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री सोमेंद्र यदुवंशी ने कहा कि नवदुर्गा उत्सव सहित हिंदू समाज के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक हैं। इन आयोजनों की पवित्रता एवं मर्यादा बनाए रखना सभी आयोजन समितियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विधर्मी लोग योजनाबद्ध तरीके से धार्मिक आयोजनों में प्रवेश कर व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए आयोजकों को प्रवेश व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को देनी चाहिए।
सोमेंद्र यदुवंशी ने प्रशासन से मंदिर परिसरों, दुर्गा पंडालों, डांडिया कार्यक्रमों एवं मेला स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि सामने आने पर संगठन उसका विरोध करेगा और नियमानुसार कार्रवाई की मांग करेगा।

दुर्गा वाहिनी की विभाग संयोजिका संगीता जोशी ने महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवदुर्गा उत्सव के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में कुछ विधर्मी लोग योजनाबद्ध तरीके से प्रवेश कर महिलाओं एवं युवतियों के साथ छेड़खानी जैसी घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास करते हैं। उन्होंने ऐसे कृत्यों में संलिप्त लोगों को कठोर चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों की मर्यादा भंग करने और महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगीता जोशी ने आयोजन समितियों से अपील की कि दुर्गा पंडालों, डांडिया कार्यक्रमों एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में प्रवेश व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के लिए समाज को जागरूक, सतर्क और अनुशासित रहना चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान मेलों में लगने वाली दुकानों के आवंटन को लेकर भी संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांग रखी। उन्होंने प्रशासन एवं मेला आयोजकों से अनुरोध किया कि दुकानों के आवंटन में धार्मिक आयोजनों की प्रकृति और हिंदू समाज की भावनाओं को ध्यान में रखा जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन इस विषय पर अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाता रहेगा।

हिंदूवादी संगठनों के पक्ष का समर्थन करते हुए संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम धर्म, आस्था, परंपरा और विश्वास पर आधारित होते हैं। प्रत्येक धर्म की अपनी विशिष्ट मान्यताएं एवं धार्मिक प्रक्रियाएं होती हैं। दूसरे धर्म की परंपराओं और मान्यताओं की जानकारी के अभाव में कई बार अनजाने में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, जो आगे चलकर विवाद का कारण बन सकती हैं।
डॉ. सरावगी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के लिए आयोजन समितियों, प्रशासन और समाज के जिम्मेदार लोगों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संपन्न कराने में आयोजन समितियों एवं प्रशासन का सहयोग करें और धार्मिक परंपराओं तथा मर्यादाओं का सम्मान सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर प्रथम टंडन जिला सहसंयोजक बजरंग दल, शिवम त्रिवेदी जिला विद्यार्थी प्रमुख, शिवम राजपूत पूर्व जिला संयोजक बजरंग दल, सौरव सिंह, विक्की शर्मा, निधि शास्त्री, रूपाली शाक्य, अर्जुन सिंह आदि उपस्थित रहे।

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