कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी द्वारा अपर निदेशक के निरीक्षण से संबंधित जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति
*अपर निदेशक झांसी मंडल ने जाना स्वास्थ्य सेवाओं का हाल*
*वर्चुअल माध्यम से आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर स्टाफ की उपस्थिति जांची गई*
*स्टाफ समय से उपस्थित रहकर जनमानस को दें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ – अपर निदेशक*
*चिकित्सा अधिकारी एवं सीएचओ चिकित्सा इकाई पर समय से उपस्थित रहें – सीएमओ*
*एनसीडी स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट के साथ ई-संजीवनी टेलीकालिंग व आयुष्मान कार्ड बनाने के दिए गए निर्देश*
*झांसी दिनांक 3 अगस्त 2026*
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें उत्तर प्रदेश लखनऊ के आदेशों के क्रम में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में स्टाफ की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु मंडल एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा वर्चुअल माध्यम से कर्मचारी की उपस्थिति प्रमाणित की जा रही है, यह जानकारी देते हुए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी मंडल डॉ आर के सोनी ने बताया कि जनपद झांसी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला स्तरीय चिकित्सालयों के माध्यम से प्रतिदिन रोगी व्यक्ति/मरीज को ओपीडी की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यदि चिकित्सक एवं सीएचओ समय से अपनी चिकित्सा इकाई पर उपस्थित रहेंगे, तो चिकित्सा इकाइयों द्वारा आम जनमानस को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समय से प्रदान की जा सकेंगी। स्टाफ की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं उच्च अधिकारियों द्वारा उपस्थिति प्रमाणित करने के उद्देश्य से नवीन पहल की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ शिशिर पुरी के साथ संयुक्त रूप से विकासखंड बड़ागांव के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर दौन, पारीछा गांव, जरबौ, विरगुवां एवं मड़ौरी में स्टाफ की उपस्थिति वर्चुअल माध्यम से प्रमाणित की गई। इसके अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एरच एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करगुवांखुर्द में चिकित्सा अधिकारी सहित स्टाफ की उपस्थिति भी जांची गई। सभी चिकित्सा इकाइयों पर कर्मचारी उपस्थित मिले।
अपर निदेशक डॉ आर के सोनी द्वारा सभी चिकित्सा अधिकारियों एवं सीएचओ को निर्देश दिए गए हैं कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी महिला पुरुषों के सीबैक फॉर्म भरवाते हुए गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, टेस्टिंग तथा ट्रीटमेंट की व्यवस्था की जाए। ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीकॉलिंग द्वारा ग्रामीण जनों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श उपलब्ध कराया जाए, साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए।
