आर्य कन्या महाविद्यालय में गृह विज्ञान एवं विज्ञान विभाग द्वारा ‘मशरूम कल्टीवेशन एवं स्किल डेवलपमेंट’ पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न
छात्राओं ने सीखा मशरूम बैग बनाना (प्राचार्या ने अपने उद्बोधन में कहा – “नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें”)
झांसी (23 सितंबर 2026) – आर्य कन्या महाविद्यालय, झांसी के गृहविज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान (Botany) विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘मशरूम कल्टीवेशन एवं स्किल डेवलपमेंट’ (मशरूम उत्पादन एवं कौशल विकास) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. स्वाति भदौरिया ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं कौशल विकास के तहत छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना रहा।
मुख्य वक्ता ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण और मार्केटिंग का आश्वासन
कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री प्रवीण वर्मा (नैनपुरा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, झांसी) ने छात्राओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि हैंड्स ऑन ट्रेनिंग (Hands on Training) के तहत छात्राओं से स्वयं मशरूम बैग बनवाए। उन्होंने मशरूम उत्पादन की तकनीक, तापमान नियंत्रण और रख-रखाव के गुर सिखाए।
छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए श्री वर्मा ने कहा – “आप सभी निडर होकर अपना स्टार्ट-अप (Startup) शुरू करें। उत्पादन के बाद मार्केटिंग और बिक्री की चिंता आप मत कीजिए, आपकी मार्केटिंग के लिए मैं हर कदम पर आपके साथ खड़ा हूं।”
अतिथियों का उद्बोधन और मार्गदर्शन
मुख्य अतिथि/विशिष्ट मुख्य अतिथि (डॉ. विजेता सिंह राठौर, प्राचार्या – शारदा देवी डिग्री कॉलेज, राजगढ़) उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन महिला सशक्तिकरण का एक अत्यंत सशक्त और सुलभ माध्यम है। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को मोती संवर्धन (Pearl Farming) के क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथि (डॉ. रेणु सिंह, वीरांगना लक्ष्मीबाई राजकीय महिला महाविद्यालय) उन्होंने छात्राओं के इस हुनर को निखारने के लिए हर समय मार्गदर्शन एवं संस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया।
प्राचार्या प्रो. स्वाति भदौरिया का प्रेरणादायी संदेश
अपने अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्या प्रो. स्वाति भदौरिया ने छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा – “आज के दौर में सरकारी या निजी नौकरियों के अवसर सीमित हैं। हमें अपनी सोच बदलकर नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना होगा। मशरूम कल्टीवेशन एक ऐसा सुरक्षित और सरल माध्यम है जिसे मात्र ₹1000 की न्यूनतम लागत से अपने घर से ही शुरू किया जा सकता है। यह गृहिणियों और छात्राओं दोनों के लिए आर्थिक स्वावलंबन का सबसे बेहतरीन जरिया है।”
सफल आयोजन एवं उपस्थिति
गृह विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग की इस संयुक्त पहल में महाविद्यालय की छात्राओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेणु शिवहरे ने किया एवं आभार किरण सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में आयोजन समिति की डॉ. कंचन लता, डॉ. रेणु शिवहरे, किरण सिंह (सह-आयोजन सचिव) एवं डॉ. प्रियंका (ट्रेनिंग समन्वयक) की मुख्य भूमिका रही। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार से प्रो. कल्पना निरंजन, डॉ. अपर्णा चौबे, डॉ. दीपमाला, डॉ. समिता, डॉ. रितु, डॉ. वर्षा, डॉ. औसीन अंसारी, श्री नरेंद्र साहू, डॉ. दीपक, सहित कार्यालय वर्ग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
