Headlines

इस्कॉन मंदिर में नये साल के पहले दिन हुआ सामूहिक रूप से गौ पूजन कार्यक्रम

विश्व कल्याण और सर्वमंगल की कामना कर किया गौ माता का पूजन
== इस्कॉन मंदिर में नये साल के पहले दिन हुआ सामूहिक रूप से गौ पूजन कार्यक्रम

झाँसी। नववर्ष 2026 में विश्व का कल्याण हो, घर – घर सुख समृद्धि रहे, यह भावना के साथ इस्कॉन मंदिर में संतों और आम जनमानस ने सामूहिक रूप से गौ माता की पूजा एवं महाआरती की।
नववर्ष के प्रथम दिन हुए कार्यक्रम में गौ माता का श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष बृजभूमि दास जी ने कहा कि गौ माता की पूजा व भक्ति करने से जीवन सुखमय रहता है। सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।गौ माता का पूजन आचार्य राजीव पाठक द्वारा किया गया ! दुर्गा उत्सव महासमिति के संयोजक पीयूष रावत ने गौ माता की महिमा बताई। कहा कि सनातन धर्म में गौ माता की पूजा का विशेष महत्व है। गाय की सेवा, पूजा, आराधना करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। गौ माता का जहां वास होता है, वहां से सभी प्रकार के वास्‍तु दोष स्‍वत: ही दूर हो जाते हैं। भगवान ने स्वयं अपने मुख से बोला है कलयुग में गौ माता की भक्ति ही बैकुंठ का मार्ग दिखा सकती है और बैकुंठ ले जा सकती है। आओ हम सब मिलकर गौ सेवा करें, गोपालन करें। हम सभी गौ माता से विश्व शांति का आशीर्वाद प्राप्त करें। गौ माता का मोहक श्रृंगार किया गया। गौ माता के अंग में मेहंदी, हल्दी, रंग के छापे लगाए गए। धूप-दीप, अक्षत, रोली, गुड़ आदि वस्त्र तथा जल से गाय का पूजन किया गया। मनमोहक श्रृंगार के पश्चात पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, दुर्गा उत्सव महासमिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम स्वामी, महामंत्री विनोद अवस्थी, नगर विधायक रवि शर्मा ,एवं संयोजक पीयूष रावत ने महाआरती धूप-दीप से महाआरती उतारी गई। प्रसाद भोग लगाया गया। गौ माता की परिक्रमा भी की गई। इस अवसर पर श्रीमती शांति शर्मा ,श्रीमती सुनीता शर्मा,प्रियता रावत ,शिवाली अग्रवाल,दामोदर बंधु दास गोकुल दुबे ,मुकेश अग्रवाल, डॉ, संजय त्रिपाठी, डॉ दिलीप शर्मा , मैथिली शरण मुदगिल, अमित चिरवरिया , लखन लाल गुप्ता ,नरेश गुप्ता रक्सा , आर एन उपाध्या, आलोक शांडिल्य,आलोक कांकने, मुरली राय, संतोष साहू,गजानंन्द खालवरकर,पवन गुप्ता ,जयदीप खरे,प्रभात शर्मा, अतुल मिश्रा, सीताराम यादव, रवीश त्रिपाठी,राघव रावत ,अग्रिम रावत आदि मौजूद रहे।सभी का आभार बृजरंजन दास और संयुक्त रूप से प्रिये गोविंद प्रभु ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *