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ईद-ए-ग़दीर के पावन अवसर पर राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज, आशिक चौराहा के पास शिया समुदाय के युवाओं द्वारा शरबत वितरण किया गया

झांसी। दिनांक 05 जून 2026 को ईद-ए-ग़दीर के पावन अवसर पर शिया समुदाय के युवाओं द्वारा राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज, आशिक चौराहा के पास शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राहगीरों, स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं को शरबत पिलाकर पर्व की खुशियां साझा की गईं।
कार्यक्रम के दौरान झांसी इमामे जुमा सैयद शाने ज़ैदी की सरपरस्ती में शिया समुदाय के युवाओं द्वारा आयोजित किया गया जिसमें मौलाना इक़्तेदार हुसैन रिज़वी साहब भी उपस्थित रहे उन्होंने बताया कि ईद-ए-ग़दीर, जिसे “ईद-ए-विलायत” भी कहा जाता है।
मौलाना ने अपने संबोधन में कहा, “ईद-ए-ग़दीर इस्लामी इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और महान दिन है। 18 ज़िलहिज्जा को ग़दीर-ए-ख़ुम के मैदान में पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स.) ने लाखों मुसलमानों के समक्ष हज़रत अली इब्ने अबी तालिब (अ.) का हाथ बुलंद करते हुए फरमाया था,
“मं कुनतु मौलाहु फ़हाज़ा अलीय्युन मौला ”
(जिस जिसका मैं मौला हूँ, अली भी उस उसके मौला है।)
यही वह ऐतिहासिक घटना है जिसकी याद में पूरी दुनिया के मोमिन ईद-ए-ग़दीर मनाते हैं।
“ग़दीर का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानियत, न्याय, नेतृत्व, भाईचारे और नैतिक मूल्यों का संदेश देता है। हज़रत अली (अ.) का जीवन सत्य, न्याय, करुणा, गरीबों की सहायता और मानवता की सेवा का आदर्श उदाहरण है। आज के दौर में हमें उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है ताकि समाज में प्रेम, सौहार्द, शांति और इंसाफ़ को बढ़ावा मिल सके।”
“ईद-ए-ग़दीर हमें यह भी सिखाती है कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य इंसानों को जोड़ना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और समाज में अच्छाइयों को बढ़ावा देना है। मैं सभी युवाओं से अपील करता हूँ कि वे ग़दीर के संदेश को जन-जन तक पहुँचाएँ और सेवा, सद्भावना तथा भाईचारे के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। अल्लाह तआला हम सभी को अहलेबैत (अ.) की शिक्षाओं पर चलने और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान देने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।”
शरबत वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा युवाओं के इस सामाजिक एवं धार्मिक प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और अंत में देश की तरक्की, अमन-चैन एवं समाज की खुशहाली के लिए दुआ की गई।

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