देहरादून।
माया देवी यूनिवर्सिटी में लॉ के छात्रों ने फॉरेंसिक विज्ञान के ज़रिये आपराधिक मामलों को सुलझाने की तकनीक को सीखा औऱ न्यायिक विज्ञान की दृस्टि से इसकी उपयोगिता को समझने का प्रयास किया
माया देवी यूनिवर्सिटी के फॉरेंसिक विभाग एवं नर्सिंग विभाग के सहयोग से स्कूल ऑफ़ लॉ एन्ड लीगल स्टडीज़ के छात्रों ने न्यायिक विज्ञान के विभिन्न दृश्टिकोण की जानकारी विषय-विशेषज्ञ द्वारा प्राप्त की
स्कूल ऑफ़ लाइफ एन्ड एप्लाइड साइंस के विषय विशेषज्ञ श्री साहिल कपूर, कम्प्यूटर साइंस के श्री अनूप कुमार, नर्सिंग विभाग की डीन, डॉ कृस्टिना जॉर्ज, सुश्री कृतिका व बंदना पटेल सहित विधि विभाग के सहायक प्रोफेसर कुमार मयंक, बंदना अरोरा पूनम सिँह के सहयोग से “क्राईम सीन” का सृजन किया गया एवं सात एक्ज़ीबिट तैयार कर फोरेंसिक साक्ष्य को एकत्र करने के गुरु लॉ के छात्र-छात्राओ ने प्रयोगात्मक तरीके से सीखने का प्रयास किया
विधि विभाग के डीन प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित ने बताया की अब अपराधिक विधि में फॉरेंसिक साक्ष्य को न्यायिक साक्ष्य के रूप में मान्यता प्राप्त है इस लिये शिक्षण ने ये नये तरीके माया देवी यूनिवर्सिटी में अपनाये जा रहे है
