▪️_*ऋषि संवाद लीला में सीता को नारी धर्म की शिक्षा दी अनुसुइया ने*_
▪️_*मंद मति इंद्र तनय जयंत की एक आंख फोड़ कर उसकी धृष्टता का दंड दिया राम ने*_
*कोंच।* कोंच रामलीला में गुरुवार रात जयंत उद्धार और ऋषि संवाद लीला का भाव प्रवण मंचन किया गया जिसमें इंद्र तनय जयंत की आंख फूटने और वनवासी राम की ऋषि मुनियों से ज्ञान चर्चा के प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को रामकथा के प्रसंगों से जोड़कर धर्म और मर्यादा का संदेश दिया।
रामलीला के 174वें महोत्सव में गुरुवार रात ‘जयंत उद्धार और ऋषि संवाद’ लीला में दिखाया गया कि इंद्र पुत्र जयंत वन वन भटक रहे राम की परीक्षा लेने का विचार मन में बनाकर कौवे का रूप धारण कर चित्रकूट में प्रभु राम के साथ विराजमान सीता के पैर में चोंच मार देता है जिससे रक्त प्रवाहित होने लगता है। क्रोध में आकर राम सरकंडे की सींक को अभिमंत्रित कर वाण की तरह जयंत पर छोड़ देते हैं। प्राण रक्षा के लिए जयंत तीनों लोकों में आर्तनाद करता हुआ भागता है लेकिन कोई भी उसकी रक्षा नहीं करता है। अंत में देवर्षि नारद के कहने पर वह प्रभु राम की शरण में जाता है। राम उसकी एक आंख फोड़ कर प्राण दान दे देते हैं। इसके पश्चात राम सीता और लक्ष्मण चित्रकूट छोड़कर गहन वन में प्रवेश करते हैं और रास्ते में शरभंग, अगस्त्य, अत्रि आदि ऋषि मुनियों के आश्रमों में जाकर उनसे ज्ञान चर्चा करते हैं। अत्रि पत्नी अनुसुइया सीता को स्त्रियोचित ज्ञान की शिक्षा देती हैं। अत्रि की भूमिका संतोष त्रिपाठी, अनुसुइया सूरज शर्मा, जयंत अभिषेक रिछारिया, अगस्त्य विक्की दुवे, सुतीक्ष्ण प्रमोद विदुआ, शरभंग नमन चतुर्वेदी, शंकर राघवेंद्र तिवारी चमेंड़, नारद विनीत मिश्रा, सुतीक्ष्ण लकी दुवे, इंद्र जवाहर अग्रवाल आदि ने निभाई।
