*गौतम अदाणी ने शुरू की ‘वंदे भारतम्’, देश के कोने-कोने से खोजेंगे उद्यमी; ये वंदे भारत ट्रेन नहीं, कुछ और है*
*गौतम अदाणी ने अपने 64वें जन्मदिन पर ‘वंदे भारतम्’ पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य देश के सभी 36 राज्यों और 800 से अधिक जिलों से इनोवेटर्स और उद्यमियों को खोजना है।*
*गौतम अडानी और उनके परिवार ने जून 2022 में अपने 60वें जन्मदिन और अपने पिता शांतिलाल अडानी की 100वीं जयंती के अवसर पर सामाजिक कार्यों के लिए ₹60,000 करोड़ के दान का संकल्प लिया था।*
* *प्रबंधन (Management):* इस विशाल राशि का प्रबंधन और संचालन ‘अडानी फाउंडेशन’ (Adani Foundation) द्वारा किया जा रहा है।
* *उद्देश्य (Purpose):* इस फंड का उपयोग मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों—स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
* *ऐतिहासिक महत्व:* भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में किसी फाउंडेशन को दिया गया यह अब तक के सबसे बड़े दानों में से एक है।
*वंदे भारतम् पहल: अदाणी समूह के चेयरमैन Gautam Adani ने अपने 64वें जन्मदिन पर ‘वंदे भारतम्’ नामक राष्ट्रव्यापी पहल की शुरुआत की।*
● इस पहल का उद्देश्य भारत के 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों तथा 800 से अधिक जिलों से नवाचारकर्ताओं (Innovators) और उद्यमियों की पहचान करना है।
● यह पहल बड़े महानगरों तक सीमित न रहकर देश के दूरदराज़ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच देने पर केंद्रित है।
● गौतम अदाणी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है, लेकिन अधिकांश स्टार्टअप संस्थापक अभी भी कुछ ही शहरों से आते हैं।
● ‘वंदे भारतम्’ का लक्ष्य ऐसे नवाचारकर्ताओं, समस्या-समाधानकर्ताओं और उद्यमियों को पहचान एवं समर्थन देना है जिनके विचार बड़े मंच के योग्य हैं।
● कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उम्र, पेशा, शैक्षणिक योग्यता या विकास के चरण की कोई बाध्यता नहीं है।
*प्रतिभागी निम्न स्तरों पर आवेदन कर सकते हैं:*
* आइडिया या कॉन्सेप्ट
* प्रोटोटाइप
* शुरुआती चरण का स्टार्टअप
* स्थापित व्यवसाय
*आवेदन के लिए रजिस्टर्ड स्टार्टअप होना आवश्यक नहीं है।*
*पहल के तहत निम्न क्षेत्रों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे:*
* टेक्नोलॉजी
* मैन्युफैक्चरिंग
* सस्टेनेबिलिटी
* कृषि
* पारंपरिक शिल्प
* सामुदायिक समाधान
*विशेष रूप से निम्न वर्गों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा:*
* महिला उद्यमी
* आदिवासी उद्यमी
* ग्रामीण नवाचारकर्ता
* दिव्यांग उद्यमी
* सामुदायिक नवाचारकर्ता
*चयन प्रक्रिया में मुख्य रूप से इन बिंदुओं का मूल्यांकन होगा:*
* नवाचार (Innovation)
* उद्यमशीलता क्षमता
* सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव
* विस्तार की संभावना (Scalability)
*राज्य एवं क्षेत्रीय स्तर के मूल्यांकन के बाद 75 फाइनलिस्ट चुने जाएंगे।*
● चयनित 75 फाइनलिस्टों को अहमदाबाद में विशेष कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
*फाइनलिस्टों को मिलेगा:*
* मेंटरशिप
* निवेशकों से जुड़ने का अवसर
* उद्योग विशेषज्ञों से संवाद
* इनक्यूबेशन सहायता
* रणनीतिक साझेदारी
*कार्यक्रम में पुरस्कार राशि एवं विभिन्न श्रेणियों में सम्मान भी दिए जाएंगे।*
● स्वतंत्रता दिवस के आसपास आयोजित होने वाला ग्रैंड फिनाले इस पहल का प्रमुख आयोजन होगा।
● फिनाले के बाद प्रतिभागियों को मेंटर्स, निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं और अन्य नवाचारकर्ताओं से जोड़ने वाला स्थायी नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
● गौतम अदाणी का संदेश: “अगर मैं यह कर सकता हूं, तो कोई भी भारतीय कर सकता है; उसे केवल एक अवसर और एक मंच की आवश्यकता है।”
● वर्तमान में भारत के 80% से अधिक स्टार्टअप संस्थापक केवल पांच शहरों से आते हैं; यह पहल इस असंतुलन को दूर करने का प्रयास है।
*विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्यमिता और नवाचार में व्यापक भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है।*
