पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। CBI की तफ्तीश में सामने आया है कि कोलकाता पुलिस ने पूर्व में जिस आरोपी को मुख्य शूटर समझकर गिरफ्तार किया था, वह दरअसल गलत पहचान का मामला निकला। स हाईप्रोफाइल मर्डर केस का असली और मुख्य शूटर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला आरोपी राजकुमार सिंह है, जिसे कई लोग राज सिंह के नाम से भी जानते थे। इसी नाम की समानता के चलते पूरी जांच भटक गई थी। असली शूटर की गिरफ्तारी के बाद CBI ने कोलकाता की विशेष अदालत में अर्जी लगाकर पहले गिरफ्तार किए गए निर्दोष राज सिंह को रिहा करवा दिया है।
यह पूरी उलझन राज और राजकुमार नाम के फेर की वजह से शुरू हुई। दरअसल, 6 मई की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की एसयूवी (SUV) को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी, जिसमें पूर्व वायुसेना कर्मी चंद्रनाथ की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच कर रही कोलकाता पुलिस ने बिहार के बक्सर से दो आरोपियों विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को दबोचा था। इन दोनों से पूछताछ में राज सिंह नाम के शूटर का सुराग मिला। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से बलिया (कोतवाली क्षेत्र) के राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, कस्टडी में पूछताछ और तकनीकी सबूतों का मिलान न होने पर जांच एजेंसियों के कान खड़े हुए और उन्हें अहसास हुआ कि सलाखों के पीछे बंद शख्स असल कातिल नहीं है।
