*नये सत्र का श्री गणेश, उत्साह के साथ दीक्षारम्भ का आयोजन*
अनुशासन के बिना, लक्ष्य केवल इच्छाएँ बनकर रह जाते हैं – डॉ. अनिल कुमार दीक्षित
देहरादून ! नये सत्र पर दीक्षारम्भ का आयोजन देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग में दीप प्रज्ज्वलित कर गणेश वंदना के साथ हुआ जिसमे, प्रोफेसर (डॉ.) आर. के. त्रिपाठी प्रति-कुलपति , प्रो.(डॉ.) नवनीत कुमार शुक्ला , लॉ डीन प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित एवं विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव त्यागी मौजूद रहे
इस अवसर पर प्रो.(डॉ.) आर. के. त्रिपाठी प्रति-कुलपति देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि, छात्र का प्रथम गुण जिज्ञासु होना है , “जिज्ञासु” का अर्थ ,वह छात्र जो कुछ नया जानने, सीखने या समझने की इच्छा रखता हो। जो छात्र ज्ञान प्राप्त करने के लिए उत्सुक रहता है, उसे जिज्ञासु कहते हैं।
जिज्ञासु क़ी विशेषत है नई बातों या रहस्यों का पता लगाने के लिए हमेशा तैयार रहना। प्रश्न पूछने की आदत होना एवं चीजों के बारे में गहराई से समझने के लिए सवाल पूछना एक अच्छे छात्र में यह सकारात्मक गुण होता है निसमे सीखने, खोज करने और आगे बढ़ने की प्रवृत्ति होती है
रिसोर्स परसन डॉ. नवनीत कुमार शुक्ला ने अपने व्याख्यान में कहा कि छात्र-छात्रा का एक ही धर्म है शिक्षा के ज़रिये ज्ञान अर्जित करना क्योंकि, शिक्षा ही उनको विद्वान एवं समाज में सम्मान दिलायेगी इसलिए छात्र पढ़ाई लिखाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तभी उनका समाज में सम्मान होगा औऱ वे अपने माता पिता का सपना साकार कर सभ्य समाज का चाहुमुखी विकास कर सकेगे, इसके इसलिए उन्हें पठन पाठन में गंभीरता लानी होंगी , उन्होंने छात्र-छात्राओ को अनुशासन के महत्व को भी बताया
स्कूल ऑफ़ लॉ के विधि संकायअध्यक्ष ड़ॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने सत्र के प्रारम्भ में दीक्षारम्भ की उपयोगिता पर प्रकाश ड़ालते हुए बताया कि दीक्षारम्भ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा शुरू किया गया एक छात्र प्रेरण कार्यक्रम है, जिसका अर्थ सीखने की शुरुआत है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में नए आने वाले छात्रों को उच्चसंस्थान के माहौल में सहज बनाना, उन्हें नियमों व संस्कृति से परिचित कराना, और शिक्षकों के साथ पारंपरिक अच्छे संबंध स्थापित करना है।
विधि विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव त्यागी ने बताया कि छात्रों में मानवीय मूल्य, करुणा, समानता और चरित्र निर्माण की भावना जगाना भी दीक्षारम्भ का एक उद्देश्य है। जिसमे छात्रों को लाइब्रेरी, क्लासरूम, लैब्स और खेल परिसर जैसी महत्वपूर्ण जगहों को देखना औऱ समझना होता है, पाठ्यक्रम की जानकारी के अंतर्गत छात्र सिलेबस, परीक्षा के नियमों और कॉलेज की सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते है
दीक्षारम्भ आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आकर देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिये छात्र-छात्राओ के साथ साथ लॉ फैकल्टी, सुश्री स्माइल गोयल , हिमांशु जखमोला, ड़ॉ. विनोद जोशी, लाइब्रेरीयन मीनाक्षी देवी मौजूद रहे,
मंच-संचालन सुश्री स्माइल गोयल ने किया अंत में हिमांशु जखमोला ने सभी का आभार अर्पित किया
