कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी द्वारा हृदय रोग से पीड़ित बच्ची के उपचार से संबंधित जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति
*जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्ची को मिला सहारा*
*राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क उपचार हेतु किया गया संदर्भित – डॉ शिशिर पुरी*
*अति कुपोषित श्रेणी में चिन्हित की गई थी बच्ची*
*जन्मजात हृदय रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों का होता है उपचार*
*झांसी दि०- 23 जून 2026*
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 18 महीने की बच्ची के निःशुल्क उपचार का प्रबंध किया गया है। यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ शिशिर पुरी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड में 2 मोबाइल टीम कार्यरत हैं, जिनके द्वारा क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वर्ष में 2 बार एवं सभी सरकारी विद्यालयों में वर्ष में 1 बार बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। साथ ही जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
नोडल अधिकारी आरबीएसके डॉ रमाकांत स्वर्णकार ने बताया कि गुरसराय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम मैगांव बंका पहाड़ी निवासी श्री प्रकाश नारायण की 18 माह की पुत्री को सांस लेने में परेशानी होती थी। बच्ची के माता-पिता द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्ची का पंजीकरण कराया गया था। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ मुकेश सिंह की टीम द्वारा माइक्रोप्लान के अनुसार जब आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, तब यह बच्ची अति कुपोषित श्रेणी में पाई गई, जिसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया। एनआरसी में भर्ती के दौरान बच्ची में जन्मजात हृदय रोग की पहचान की गई। बीमारी का पता चलने के बाद निःशुल्क उपचार हेतु परिजनों को मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ संदर्भित किया गया है। परिजनों को सीएमओ ऑफिस में बुलाकर संदर्भन पर्ची प्रदान की गई है, जिसके आधार पर बच्ची का निःशुल्क उपचार अलीगढ़ में किया जाएगा।
इस अवसर पर डीईआईसी मैनेजर डॉ रामबाबू कुमार, गुरसराय टीम से डॉ मुकेश सिंह सहित बच्ची के माता-पिता उपस्थित रहे।
