देहरादून।
देवभूमि उत्तराखण्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ एलाइड साइंस विभाग द्वारा भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान प्रणाली पर पांच दिवसीय “संकाय विकास कार्यक्रम (FDP)” का शुभारम्भ, दीप प्रज्वलित कर किया गया जिसमे प्रख्यात मॉडरेटर एवं कवि डॉ. प्राची कण्डवाल, केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर के रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. चिनप्पा भास्कर, प्रति-कुलपति प्रोफेसर ऋतिका मेहरा, प्रति-कुलपति प्रोफेसर आर. के. त्रिपाठी, लॉ विभाग के संकायअध्यक्ष प्रोफेसर अनिल दीक्षित मैंनेजमेन्ट विभाग के डीन प्रोफेसर अश्वनी कुमार एवं एफ.डी.पी. की कनवीनर डॉ. शिखा भास्कर शामिल रहे
संकाय विकास कार्यक्रम में आमंत्रित रिसोर्स पर्सन डॉ.प्राची कण्डवाल ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के मुख्य अंग जिसमे चार वेद एवं छह वेदांग तथा ब्रह्मांड के रहस्यों के मूल स्रोत पर व्याख्यान दिया, डॉ. प्राची काण्डवाल ने कहा कि भारतीय सभ्यता आधुनिक विश्व में एकमात्र जीवित सभ्यता है, जो अपने अतीत से जीवंत संबंध बनाए हुए है
इस अवसर पर विभाग के शिक्षाकगण एवं देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के सभी संकाय के विद्वान एवं विषय विशेषज्ञ मौजूद रहे
