झाँसी। नेत्रदान को लेकर अक्सर आप समाचार पढ़ते रहते होंगे , लेकिन पूरी देह दान करने वाले बहुत ही विरले होते हैं। झांसी में एक ऐसा मामला सामने आया है।
झांसी निवासी एकता सब्बरवाल और सुनील सब्बरवाल ने अपने निर्णय में बताया कि दोनों ही परिवार की रजामंदी के बाद यह घोषणा कर रहे हैं की मृत्यु के बाद उनके देह का दान कर दिया जाए ।
उनके पूरे देह से जरूरतमंद को जिस अंग की जरूरत हो वह दान किया जाए। दोनों ने इस मामले में मेडिकल प्रशासन को जरूरी कागजात सौंप दिए हैं ।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय परिवार की सहमति के बाद लिया गया है खुद को दूसरों के लिए मरने के बाद भी काम आने का एकता और सुनील का यह निर्णय समाज में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।
यह जानकारी युवा समाजसेवी विनोद सब्बरवाल में एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।
