दोनों पुत्रों की मौत से हुआ अवसाद, किसी ने नहीं दिया साथ, फिर मदद को आगे आया एक हाथ
झाँसी। इस संसार में हर माता-पिता के लिए सबसे कष्टदायी बात होती है उनके रहते हुए उनके वंशजों की मृत्यु होना। एक मां-बाप के लिए अपने बेटे, बेटी या वंशजों की अर्थी देखने से बड़ा कोई दुख नहीं हो सकता लेकिन जिस माँ के दो पुत्रों का देहावसान हो गया हो उसका जीवन कितना कष्टदाई…
