GST 2.0: मीटिंग खत्म.. सरकार ने लिए 14 बड़े फैसले, रजिस्ट्रेशन से लेकर ITC और गिरफ्तारी तक बदले नियम

GST 2.0: मीटिंग खत्म.. सरकार ने लिए 14 बड़े फैसले, रजिस्ट्रेशन से लेकर ITC और गिरफ्तारी तक बदले नियम

जीएसटी 2.0 में 14 बड़े सुधारों पर लगी मुहर. 8 अक्टूबर 2026 को काउंसिल ने गिरफ्तारी की शक्ति खत्म की, 3 दिन में ऑटो-रजिस्ट्रेशन और 10,000 रुपये तक के मामलों में नोटिस बंद करने का फैसला लिया. जानिए 1 नवंबर 2026 से मिलने वाले सभी फायदों की पूरी पड़ताल.

57वीं GST काउंसिल बैठक में सरकार ने टैक्स दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया, लेकिन कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाने से जुड़े कई बड़े फैसले किए. बैठक का फोकस GST व्यवस्था को सरल बनाने, रजिस्ट्रेशन और रिफंड तेज करने, ITC की सुरक्षा, विवाद कम करने और कारोबारियों की कार्यशील पूंजी को राहत देने पर रहा. GST Council की सिफारिशों को लागू करने के लिए संबंधित कानून, नियम, अधिसूचना या सर्कुलर जरूरी होंगे.

कुल मिलाकर इन फैसलों को 14 बड़े फैसलों में बांटा जा सकता है. वहीं GST 2.0 के एक साल के आंकड़ों से सरकार ने बताया कि टैक्स बेस बढ़ा है और घरेलू सप्लाई पर प्रभावी GST दर 14.55% से घटकर 13.13% हुई है.

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1. GST रजिस्ट्रेशन आसान: लो-रिस्क कारोबारियों को 3 दिन में ऑटो-अप्रूवल
लो-रिस्क कारोबारियों का GST रजिस्ट्रेशन 3 कार्यदिवस में ऑटोमैटिक होगा. ₹2.5 लाख तक मासिक आउटपुट टैक्स वाले कारोबारियों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा. ट्रेड नेम, डायरेक्टर या पार्टनर और अतिरिक्त बिजनेस प्लेस के पते में बदलाव भी ऑटो-अप्रूव किए जाएंगे.

2. रिटर्न और ITC सुधार: गलतियां ठीक करना होगा आसान
रिटर्न में छोटी गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया सरल होगी. विक्रेता द्वारा घटाई गई राशि की जानकारी खरीदार तक पहुंचेगी और गलत GSTIN डालने पर सुधार की सुविधा मिलेगी. Invoice Management System के जरिए ITC का सेटलमेंट किया जाएगा.

3. रिफंड तेज: 10 दिन में एकनॉलेजमेंट
रिफंड की एकनॉलेजमेंट की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन होगी. तय समय में एकनॉलेजमेंट या deficiency memo नहीं आया तो क्लेम को deemed acknowledged माना जाएगा. जोखिम आधारित जांच के बाद 90% रिफंड ऑटो-सैंक्शन किया जा सकेगा.

4. छोटे विवादों में राहत: ₹10,000 से कम टैक्स पर नोटिस नहीं
₹10,000 से कम की टैक्स राशि वाले मामलों में नोटिस जारी नहीं करने का फैसला किया गया है. नोटिस, सुनवाई और आदेश के लिए भी एक समान प्रक्रिया तय की जाएगी.

5. ईमानदार खरीदार का ITC सुरक्षित: कमेटी करेगी समीक्षा
सही इनवॉइस, माल की वास्तविक प्राप्ति और सप्लायर को पूरा भुगतान करने वाले ईमानदार बायर के ITC की सुरक्षा पर कमेटी विचार करेगी. कमेटी 3 महीने में रिपोर्ट देगी.

6. ITC का दायरा बढ़ा: इंश्योरेंस से टेलीकॉम टावर तक
कर्मचारियों के हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर ITC, टेलीकॉम टावर और फैक्ट्री के बाहर की पाइपलाइन पर ITC देने का प्रावधान किया जाएगा. Free samples और कानून के तहत नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर स्टॉक पर भी ITC का फायदा मिलेगा.
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7. डबल टैक्सेशन खत्म: होटल और ट्रांसपोर्ट सेवाओं को राहत
होटल एकोमोडेशन, रेस्टोरेंट/केटरिंग और पैसेंजर ट्रांसपोर्ट जैसी सेवाओं में टैक्स चेन को आगे बढ़ाने की इजाजत होगी. इससे एक ही सेवा पर दो बार GST लगने की समस्या को दूर करने की कोशिश होगी.

8. Inverted Duty Structure: कारोबारियों की working capital समस्या घटेगी
Input services पर चुकाए GST के रिफंड की सुविधा 1 नवंबर 2026 से लागू होगी. प्लांट और मशीनरी पर GST रिफंड भी मिलेगा, जिसे 1 अप्रैल 2027 से 60 महीने में अनुपात के हिसाब से दिया जाएगा.

9. छोटे कारोबारियों के लिए नया रिटर्न विकल्प: साल में एक रिटर्न
₹5 करोड़ तक टर्नओवर और केवल कंज्यूमर सप्लाई वाले कारोबारियों के लिए साल में एक बार रिटर्न और तिमाही टैक्स पेमेंट की योजना लाई जाएगी. इस कैटेगरी में 99% कारोबारी ₹5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले हैं.

10. E-Way Bill जांच में बदलाव: हर राज्य में वाहन नहीं रोका जाएगा
वाहन को केवल स्पेसिफिक इंटेलिजेंस के आधार पर रोका जा सकेगा. इसके लिए Joint Commissioner या उससे ऊपर के अधिकारी की पहले से इजाजत जरूरी होगी. रास्ते में पड़ने वाले राज्यों को केवल इस आधार पर वाहन रोकने की अनुमति नहीं होगी.

11. गिरफ्तारी में राहत: गिरफ्तार करने की शक्ति हटेगी
GST में गिरफ्तारी की पावर हटाने का फैसला किया गया है. Prosecution की थ्रेसोल्ड लिमिट ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ होगी. न्यूनतम पेनाल्टी हटेगी और जनरल पेनाल्टी ₹25,000 से घटकर ₹10,000 होगी.

12. Services Export आसान: विदेश में अपनी ब्रांच से सेवा पर भी लाभ
भारतीय कंपनी की विदेश स्थित अपनी ब्रांच के जरिए विदेशी क्लाइंट्स को दी गई सर्विस को एक्सपोर्ट बेनेफिट मिलेगा. विदेश से जुड़े सामानों पर भारत में टेस्टिंग, रिपेयर, सर्टिफिकेशन, रिसर्च और प्रोसेसिंग को भी export of service माना जाएगा.

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13. E-commerce sellers को राहत: दूसरे राज्यों में warehouse की सुविधा
छोटे सेलर दूसरे राज्यों में e-commerce ऑपरेटर के वेयरहाउस को Principal Place of Business घोषित कर सकेंगे. ₹2.5 लाख से कम मंथली आउटपुट टैक्स वाले सेलर्स को खास तौर पर इसका फायदा मिलेगा.

14. GST Rate पर फैसला: इस बैठक में कोई नई दर नहीं बदली
57वीं बैठक में GST दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया. अब दरों की समीक्षा के लिए साल में एक बैठक रखने का फैसला किया गया है. मौजूदा बैठक में फोकस GST की दरें बदलने के बजाय नियमों की inconsistencies और ambiguities दूर करने पर रहा.

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