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New Delhi…
अरविंद केजरीवाल ने ऐलान कर दिया है कि वह जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में न खुद पेश होंगे, न उनका कोई वकील जाएगा !!
केजरीवाल ने फिर दोहराया है कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा RSS के कार्यक्रमों में गईं और उनके दोनों बेटे तुषार मेहता के साथ काम करते हैं. तुषार मेहता ही केंद्र सरकार का पक्ष कोर्ट में रखते हैं. इसलिए उनसे न्याय मिलने की उम्मीद टूट चुकी है.
उन्होंने कहा कि जस्टिस स्वर्णकान्ता शर्मा जी से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट चुकी है !!
केजरीवाल ने कहा, “अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनते हुए, गांधी जी के सिद्धांतो को मानते हुए और सत्याग्रह की भावना के साथ, मैंने फ़ैसला किया है कि मैं इस केस में उनके सामने पेश नहीं हूंगा और कोई दलील भी नहीं रखूँगा”.
“जस्टिस स्वर्णकान्ता शर्मा जी की अदालत में अब न तो मैं पेश होऊँगा और न ही मेरी तरफ़ से कोई वकील पेश होगा, उनको जो फ़ैसला देना है दे दें.”
केजरीवाल ने अपने इस ऐलान के साथ ही इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाने के अपने क़ानूनी विकल्प की भी बात की है.
अब दो राह है. या तो जस्टिस शर्मा अब भी ख़ुद को केस से हटा लें, या बचाव पक्ष की दलील सुने बिना जो उचित समझें “एक्स पार्टी” फ़ैसला दे दें.
फिर जब मामला सुप्रीम कोर्ट में जाएगा तो बात सिर्फ़ इस मामले के गुण दोष पर नहीं होगी. मुद्दा तो ये भी उठेगा कि किसी भी मामले से ‘जज ख़ुद को कब और क्यों अलग करें’ क्यों न इसके लिए कोई ‘सुप्रीम दिशानिर्देश’ तय हो !!
