भारतीय संविधान वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है : न्यायमूर्ति राजेश टंडन

देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ का सफल आयोजन

देहरादून ! देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग में नये शैछणिक सत्र के अंतर्गत आज दीक्षारम्भ का आयोजन दीप प्रज्ज्वलित कर गणेश वंदना के साथ हुआ जिसमे मुख्यअथिति उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि, भारतीय संविधान वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है संविधान का सम्मान होना चाहिए तभी सभ्य समाज का चाहुमुखी विकास होगा

विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रोफेसर आर. के. त्रिपाठी ने कहा कि आज के छात्र कल के भविष्य है, प्रतिकुलपति प्रोफेसर रितिका मेहता ने छात्र-छात्राओ को अनुशासन के महत्व को बताया

स्कूल ऑफ़ लॉ के विधि संकायअध्यक्ष ड़ॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने मुख्यअतिथि जस्टिस राजेश टंडन का जीवन परिचय देते हुए, दीक्षारम्भ कि उपयोगिता पर प्रकाश ड़ालते हुए बताया कि दीक्षारम्भ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.ज़ी.सी.) नई दिल्ली द्वारा शुरू किया गया एक छात्र प्रेरण कार्यक्रम है, जिसका अर्थ सीखने की शुरुआत है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में नए आने वाले छात्रों को उच्चसंस्थान के माहौल में सहज बनाना, उन्हें नियमों व संस्कृति से परिचित कराना, और शिक्षकों के साथ पारंपरिक अच्छे संबंध स्थापित करना है।

ड़ॉ. दीक्षित ने बताया कि छात्रों में मानवीय मूल्य, करुणा, समानता और चरित्र निर्माण की भावना जगाना भी दीक्षारम्भ का एक उद्देश्य है। दीक्षारम्भ में विश्वविद्यालय में कैंपस टूर का आयोजन भी होता है जिसमे छात्रों को लाइब्रेरी, क्लासरूम, लैब्स और खेल परिसर जैसी महत्वपूर्ण जगहों को देखना औऱ समझना होता है, पाठ्यक्रम की जानकारी के अंतर्गत छात्र सिलेबस, परीक्षा के नियमों और कॉलेज की सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते है
दीक्षारम्भ आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आकर देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिये छात्र-छात्राओ के साथ साथ लॉ फैकल्टी ड़ॉ. वैशाली शर्मा, आकांक्षा भट्ट, हिमांशु जखमोला, ड़ॉ. विनोद जोशी, नीलम सिँह, स्माइल, ड़ॉ.राजन हांडा, प्रोफेसर शिखा भास्कर, प्रोफेसर विकास सिंह, प्रोफेसर नेहा चौकसी मौजूद रहे,मंच-संचालन सुश्री आकांशा भट्ट एवं स्माइल गोयल ने किया अंत में विधिविभाग के विभागाअध्यक्ष प्रोफेसर गौरव त्यागी ने सभी का आभार व्यक्त किया

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