*झाँसी:* कुरैश कॉन्फ्रेंस सामाजिक संस्था रजि. द्वारा चौधरी रईस कुरैशी के निवास पर एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मोहम्मद कलाम कुरैशी, राष्ट्रीय सचिव की उपस्थिति में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कुरैश समाज की छात्राओं को सम्मानित किया गया।
आलिया कुरैशी, सानिया कुरैशी, कशिश कुरैशी, महक कुरैशी और निशा कुरैशी को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि मोहम्मद कलाम कुरैशी ने समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि *”किसी भी समाज की प्रगति उसकी शिक्षा पर निर्भर करती है।”* उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि अगर बेटियां शिक्षित होंगी तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ेगा।
*महिला सशक्तिकरण क्यों जरूरी:* उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि समाज के विकास की बुनियाद है। जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तभी कुरीतियाँ खत्म होंगी, परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और अगली पीढ़ी को बेहतर संस्कार मिलेंगे। इस्लाम ने भी औरतों को इल्म हासिल करने का हक दिया है। बेटियों को पढ़ाना सबसे बड़ा समाज-सुधार है, क्योंकि एक पढ़ी-लिखी बेटी दो परिवारों को रोशन करती है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे छात्राएं अपने भविष्य को सशक्त बना सकती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। मोहम्मद कलाम कुरैशी ने युवाओं और छात्राओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया जैसी बुरी आदतों से दूर रहें और पढ़ाई पर ध्यान दें कुरैश समाज के कई गणमान्य लोग, अभिभावक और छात्राएं मौजूद रहीं। सम्मान समारोह में समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा की गई बच्चों को कोचिंग क्लास ट्यूशन देने वाले शिक्षक का भी सम्मान किया।इस दौरान चौधरी रईस कुरैशी चौधरी हैदर कुरैशी बबलू कुरैशी अफसर कुरैशी हनीफ कुरैशी गुलाम अकील कुरैशी कमरुद्दीन कुरैशी अल्पेश उद्दीन कुर्रेशी असलम कुरैशी आदि सैकड़ो उपस्थित रहे
