कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी द्वारा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के आयोजन से संबंधित जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति
*-
*आज (सोमवार) बच्चों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़े मारने की एल्बेंडाजोल गोली*
*कृमि संक्रमण रोकने हेतु माता-पिता बच्चों को अवश्य खिलाएं एल्बेंडाजोल की गोली – डॉ शिशिर पुरी*
*शिक्षक एवं अधिकारी स्वयं गोली खाकर बच्चों को करें प्रोत्साहित – डॉ शिशिर पुरी*
*राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस से संबंधित सभी तैयारियां पूरी – डॉ शिशिर पुरी*
*जनपद के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों, मदरसों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली*
*झांसी – 9 अगस्त 2026*
जनपद में 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है, यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ शिशिर पुरी ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम समस्त शासकीय, शासकीय सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों, मदरसों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित किया जा रहा है। विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एल्बेंडाजोल टेबलेट उपलब्ध करा दी गई है। इस बार जनपद में 10.21 लाख से अधिक बच्चों को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार अभियान के दिवस पर सभी अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, एआरओ, बीपीएम, बीसीपीएम, सुपरवाइजर, आरबीएसके टीम आदि फील्ड में रहेंगे तथा विद्यालयों, मदरसों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण करेंगे। भ्रमण के दौरान सभी अधिकारी स्वयं गोली खाकर बच्चों को प्रोत्साहित करेंगे।
विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका द्वारा 1 से 19 वर्ष के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। सोमवार को अभियान दिवस पर गोली खाने से वंचित रह जाने वाले छात्रों व किशोर-किशोरियों को आगामी 14 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस में कवर करते हुए एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी।
सीएमओ ने सभी माता-पिता और अभिभावकों से 10 अगस्त 2026 को विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति हेतु अपील की है कि अपने बच्चों को विद्यालय अवश्य भेजें, जिससे विद्यालयों में उन्हें एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जा सके। एनीमिया से मुक्ति एवं कृमि संक्रमण को रोकने के लिए बच्चों को प्रत्येक छः माह के अंतराल पर यह गोली खिलाया जाना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की है कि वह बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु स्वयं भी गोली खाएं।
