*जश्ने गौसुलवरा फैज़ाने सरकार बांसा कॉन्फ्रेंस में बेटियों के अधिकारों पर हुआ जोरदार मंथन*
*जश्ने गौसुलवरा फैज़ाने सरकार बांसा कॉन्फ्रेंस*
*झांसी।* महाराज सिंह नगर पुलिया नंबर 9 स्थित मदरसा अल-जामियातुल रज्जाकिया सोसायटी, आस्ताना-ए-सरकार बांसा अपिया हुजूर में बुधवार को जश्ने गौसुलवरा फैज़ाने सरकार बांसा कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम खानकाह-ए-सरकार बांसा जिला बाराबंकी के सज्जादा नशीन मोहम्मद उमर जीलानी की सदारत (अध्यक्षता) में व सूफी अफराज हुसैन सिद्दीकी की निगरानी में आयोजित किया गया, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कुरआनख्वानी से हुई। दोपहर दो बजे हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी गौसे पाक की फातिहा हुई। इसके बाद लंगर का वितरण किया गया। इस दौरान मुल्क में अमनो-अमान और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई।
कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने इस्लाम में महिलाओं और बेटियों के अधिकारों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार की इज्जत और अल्लाह की नेमत हैं। उनकी अच्छी परवरिश, शिक्षा, सम्मान और जायज अधिकारों की हिफाजत करना परिवार की अहम जिम्मेदारी है। बेटियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि गौसे आजम हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी रहमतुल्लाह अलैह की शिक्षाएं इंसान को नेक आचरण, बेहतर व्यवहार और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की सीख देती हैं। परिवार के प्रत्येक सदस्य के साथ सम्मान और अच्छे व्यवहार का संदेश समाज में आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
*छात्रों को दी गईं डिग्रियां* कॉन्फ्रेंस के दौरान मदरसे में तालीम हासिल कर कुरआन-ए-करीम हिफ्ज करने वाले छात्रों को हाफिज की डिग्री देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर उलेमा और मौजूद लोगों ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की।
कार्यक्रम में सैयद फैजाने मुस्तफा सूफी तहसीन अहमद, शहादत हुसैन इलाहाबादी, सैयद मोहम्मद सलीम अल्वी, मौलाना तौहीद आलम, अब्दुर्रहीम, हाफिज दानिश, मौलाना मोहम्मद इमरान, कारी मोहम्मद जमील, मौलाना मुफ्ती अहमद राजा, मौलाना अब्दुल अजीज निजामी, हाफिज मोमिन, हाफिज कादिर, हाफिज राशिद, मौलाना सोहेल, हाफिज रिजवान, मौलाना मोहसिन, मुफ्ती मुबारक अली, कारी अनस चिश्ती, मुफ्ती करीमुल्लाह, मौलाना दाऊद रजा, कारी गुलाम गौस, हाफिज दानिश, हाफिज अत्ताउल्लाह, शहर काजी मौलाना हाशिम, कारी सलीम अहमद, हाफिज मुबारक अली , हाफिज मुस्लिम, और हाफिज शरीफ मुख्य वक्ता के रूप मे मौजूद रहे। इस अवसर पर सैय्यद बशारत अली, अब्दुल रहमान, आदिल, अब्दुल वाहिद, अलीम मास्टर, सुल्तान, सादिक, आरिफ खान, इंतजार खान , मेहताब, सलीम, इंतजार अली, शफीक खान, हाजी नईम कुरैशी, फैजान, कदीम अहमद, चौधरी खुर्शीद, शब्बीर कुरैशी, मुहम्मद अली, अब्दुल गनी, सिराज, संजय, आशिक, आसिफ, अरबाज, हाजी सलीम, बबलू भाई, मुमताज मास्टर और हाजी इनायत आदि भी मौजूद रहे।कार्यक्रम की निजामत (संचालन) कारी आदिल जमील और कारी अजहर ने किया। अंत में आयोजक सूफी अफराज हुसैन सिद्दीकी ने सभी अतिथियों, उलेमा और अकीदतमंदों का आभार व्यक्त किया।
