Apple और Google पर लगाया डिजिटल सर्विस टैक्स तो लगाएंगे भारी टैरिफ’, ट्रंप की ब्रिटिश पीएम को धमकी

*’Apple और Google पर लगाया डिजिटल सर्विस टैक्स तो लगाएंगे भारी टैरिफ’, ट्रंप की ब्रिटिश पीएम को धमकी*

*डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय देशों (जैसे यूके, फ्रांस, इटली) द्वारा अमेरिकी टेक कंपनियों पर लगाए गए डिजिटल सेवा कर (DST) के जवाब में बड़े टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प का तर्क है कि ये कर अनुचित रूप से Google, Apple और Facebook जैसी अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाते हैं।*

* *धमकी:* ट्रम्प ने डिजिटल टैक्स (जो आमतौर पर 2-3% है) के बदले में यूरोपीय संघ और ब्रिटेन से आने वाले सामानों पर “बड़ा शुल्क” (Big Tariff) लगाने की बात कही है।
* *लक्ष्य:* फ्रांस, यूके, इटली, स्पेन और ऑस्ट्रिया जैसे देश, जो 2020-2025 के दौरान अमेरिकी टेक दिग्गजों पर डिजिटल कर लगा चुके हैं, निशाने पर हैं।
* *प्रतिक्रिया:* यूरोपीय संघ ने ट्रम्प की टैरिफ चेतावनियों के बावजूद अपने डिजिटल नियमों (DSA/DMA) को लागू करने का संकल्प लिया है।
* *पृष्ठभूमि:* ये कर उन बड़ी टेक कंपनियों के राजस्व पर लगाए जाते हैं जो यूरोपीय उपयोगकर्ताओं से पैसा कमाती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कम कर देती हैं।
*इस संघर्ष से अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार वार्ता पर दबाव बढ़ गया है, जिसे डिजिटल टैक्स वॉर (Digital Tax War) कहा जा रहा है।*

*अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर डिजिटल सेवा कर नहीं हटाते हैं, तो वह ब्रिटेन पर भारी टैरिफ लगाएंगे।*

◆ ब्रिटेन ने 2020 में दो प्रतिशत डिजिटल सेवा कर लागू किया था, जिसकी ट्रंप और उनके पूर्ववर्ती डेमोक्रेट जो बाइडेन ने आलोचना की थी। डिजिटल सेवा कर के निशाने पर एपल, गूगल और मेटा जैसी कंपनियां हैं।
◆ ब्रिटेन और स्पेन ने NATO से जुड़ी एक अमेरिकी रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। इसमें कहा गया था कि ट्रम्प सरकार इन दोनों देशों को सजा देने पर विचार कर रही हैं। इसकी वजह ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका का खुलकर साथ नहीं देना है।
◆ ईरान पर हमलों के दौरान ट्रम्प और स्टार्मर के बीच तनाव देखने को मिला था।
◆ शुरुआत में ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी।
◆ बाद में ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद ब्रिटेन ने कुछ एयरबेस इस्तेमाल करने की इजाजत दी, ताकि होर्मुज या ब्रिटिश ठिकानों को खतरा पैदा करने वाले ईरानी ठिकानों पर हमला किया जा सके। हालांकि फिर ट्रम्प इससे खुश नहीं हुए।

*दूसरी तरफ अर्जेंटीना में इस खबर को लेकर खुशी का माहौल है। सरकार के प्रवक्ता जेवियर लानारी ने कहा कि उनका देश ‘माल्विनास’ को वापस पाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ट्रम्प के करीबी माने जाते हैं। मिलेई ने भी कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा।*

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