बुंदेलखंड की माटी, जल, जंगल, जमीन, खनिज, हवा, अस्मिता और संस्कृति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं-कुंवर सत्येंद्र पाल सिंह
हमारे प्रिय बुंदेलखंड की माटी, जल, जंगल, जमीन, खनिज, हवा, अस्मिता और संस्कृति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आज हमारा क्षेत्र अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, और यह आवश्यक है कि हम सभी मिलकर इन समस्याओं का समाधान करें। इसके लिए एक पृथक बुंदेलखंड राज्य का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।…
