*Gold Crash: काम कर गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील! सोने की बिक्री में 70% की भारी गिरावट*
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और सोने का आयात कम करने की अपील के बाद, प्रमुख ज्वेलरी ब्रांड्स जैसे कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) और तनिष्क (Tanishq) ने ‘Nation First – Gold4India’ जैसी पहलों के माध्यम से पुराने सोने के रीसाइक्लिंग और एक्सचेंज प्रोग्राम्स को बढ़ावा दिया है।*
* *कल्याण ज्वेलर्स:* कंपनी ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील के अनुरूप *”नेशन फर्स्ट – गोल्ड4इंडिया” (Nation First – Gold4India)* पहल शुरू की है। इसके तहत ग्राहकों को घर में रखे निष्क्रिय सोने को आधुनिक 18-कैरेट और हल्के आभूषणों में बदलने के लिए आकर्षक एक्सचेंज ऑफर दिए जा रहे हैं ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके।
* *तनिष्क (TATA):* इस ब्रांड ने *’ओल्ड गोल्ड न्यू इंडिया’* अभियान शुरू किया है। इसके जरिए पुराने सोने के एक्सचेंज पर कोई कटौती नहीं की जाती और पूरी 100% कीमत दी जाती है। तनिष्क अपने सभी स्टोर्स पर ग्राहक कीमती धातु की शुद्धता की जांच के लिए ‘करेटमीटर’ की सुविधा भी देते हैं।
*70% तक गिर गई सोने की डिमांड, PM मोदी की अपील के बाद बदला खरीदारों का मूड?*
* सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी की
* सोने पर GST के साथ प्रभावी टैक्स 9.18% से बढ़कर 18.45% हो गया
* दो हफ्ते में डिमांड केवल 7.5 टन रह गई जो एक साल पहले 25 टन थी
* अधिक मास होने के कारण भी लोग सोना खरीदने से परहेज कर रहे हैं
* भारत में सोने की कुल सालाना खपत करीब 800 से 850 टन है
*सोने के गहनों की रिटेल चेन जॉयअलुक्कास के चेयरमैन जॉय अलुक्कास ने मांग में आई इस कमी की वजह कई कारणों को बताया। उन्होंने पीएम मोदी की अपील को भी इसका एक कारण बताया।*
● जॉय अलुक्कास के मुताबिक प्रधानमंत्री की एक साल तक सोने से दूर रहने की अपील का भी ग्राहकों के मूड पर काफी असर पड़ा है।
● जॉयअलुक्कास में मांग 35% से भी अधिक गिर गई है। हमें पक्का नहीं पता कि यह और भी कम होगी या नहीं।
● सरकार ने 13 मई को सोने पर आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी थी।
● सबसे ज्यादा मार असंगठित कारोबार पर पड़ी है जो कुल ट्रेड का करीब 65 फीसदी है। देश में सोने का सालाना खपत 800 से 850 टन है।
● शुक्रवार को मुंबई के स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर कर रहा था। इसमें जीएसटी शामिल नहीं है।
● सोने पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमत तथा खाने-पीने की चीजों की कीमत बढ़ोतरी से भी उपभोक्ताओं की धारणा प्रभावित हुई है क्योंकि वे अभी सोने नहीं खरीदना चाहते हैं।
● ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद सोने पर प्रभावी टैक्स 9.18 फीसदी से बढ़कर 18.45 फीसदी हो गया है।
● रुपये की गिरावट, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत और दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने सोने पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी की थी।
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों से अपील की कि वे अपनी दैनिक आदतों में बदलाव लाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दें। उन्होंने लोगों से कहा कि एक साल तक किसी भी शादी या प्रोग्राम के लिए सोना खरीदने से बचें।*
