कार्यक्रम में हिंदी साहित्य भारती के सहयोगी श्री पवन सरावगी एवं संजय वर्मा
स्वामी वासुदेव जी महाराज खेरापति आश्रम बराटा
हिंदी साहित्य भारती के तत्वाधान में आज दिनांक 19/07/26 को दीनदयाल उपाध्याय सभागार में सम्मान समारोह एवं प्रबुद्ध जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम् अधिवक्ता माननीय श्री अश्विनी उपाध्याय जी को संस्कृति साधक सम्मान तथा वैश्विक हिन्दी शोध संस्थान, देहरादून के महानिदेशक डॉ० जयंती प्रसाद नौटियाल जी को हिंदी साधक सम्मान से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीपक प्रज्ज्वलन एवं पूजन से हुआ। कार्यक्रम में हिन्दी साहित्य भारती केन्द्रीय महासचिव श्री रामनिवास शुक्ल जी ने समागत अतिथियों का परिचय एवं वाचिक सम्मान किया। मंचस्थ मनीषियों में अखण्ड गीता पीठ शाश्वत सेवा आश्रम हरियाणा अन्तरर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रवींद्र शुक्ल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम अधिवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय, वैश्विक शोध संस्थान के महानिदेशक डॉ जयंती प्रसाद नौटियाल, विधानपरिषद सदस्य डॉ बाबू लाल तिवारी उत्तर प्रदेश, हिन्दी साहित्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष का संक्षिप्त परिचय एवं सभागार में उपस्थित समस्त आजीवन सदस्य एवं अभ्यागत मनीषियों का स्वागत किया।
हिन्दी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रवींद्र शुक्ल जी ने हिन्दी साहित्य भारती के उद्देश्य से सभी को अवगत कराया। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय ने सनातन संस्कृति के प्रति आस्था जाग्रत करने का भाव प्रकट किया। डॉ जयंती प्रसाद नौटियाल ने हिन्दी साहित्य भारती के कार्यों की सराहना की तथा हिन्दी की वैश्विक प्रतिष्ठा के विषय में अपने अनुसंधानपरक तथ्य प्रस्तुत किये। इस अवसर पर हिन्दी साहित्य भारती के अध्यक्ष डॉ रवीन्द्र शुक्ल जी द्वारा लिखित पुस्तक वर्ण व्यवस्था की मौलिक अवधारणा तथा बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झाँसी में संस्कृत शोधपीठ के निदेशक प्रो. बी. बी. त्रिपाठी द्वारा
रचित संस्कृतकाव्य रामराजीयशतकम् का विमोचन भी किया गया
आज दिनांक 19/07/26 को दीनदयाल उपाध्याय सभागार में सम्मान समारोह एवं प्रबुद्ध जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
