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संत-महंतों की पावन परंपरा और सेवा-संस्कारों से जुड़ा रहा महंत राजूदास महाराज का संघर्ष सेवा समिति कार्यालय आगमन

संत-महंतों की पावन परंपरा और सेवा-संस्कारों से जुड़ा रहा महंत राजूदास महाराज का संघर्ष सेवा समिति कार्यालय आगमन

झाँसी। श्री श्री 1008 महंत राजूदास जी महाराज, श्रीहनुमानगढ़ी अयोध्या, इन दिनों धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रवास पर बुंदेलखंड पहुंचे। मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के यहां आयोजित गणेश उत्सव में सम्मिलित होने के उपरांत महंत राजूदास जी महाराज जालौन जनपद के ग्राम पचोखरा पहुंचे, जहां गोलोकवासी संत श्री राजेश्वरानंद जी महाराज (राजेश रामायणी जी) के 72वें प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित कथा उत्सव एवं भजन संध्या में उन्होंने सहभागिता की।

धार्मिक आयोजनों में सहभागिता के पश्चात महंत राजूदास जी महाराज ने भांडेर स्थित रामगढ़ वाली माता के दरबार में पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने खेड़ापति हनुमान जी के चरणों में भी माथा टेककर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-शांति एवं जनकल्याण की कामना की।

इसके उपरांत महंत राजूदास जी महाराज दतिया स्थित मां पीतांबरा के पावन दरबार पहुंचे और विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर मां पीतांबरा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात महंत राजूदास जी महाराज समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी के कार्यालय पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

महंत राजूदास जी महाराज ने डॉ. संदीप सरावगी द्वारा समाजहित में किए जा रहे सेवा कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि समाजसेवा केवल किसी व्यक्ति की सहायता करना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति में इसे नर सेवा-नारायण सेवा के रूप में देखा गया है। जब कोई व्यक्ति अपने सामर्थ्य और संसाधनों को जरूरतमंदों के कल्याण के लिए समर्पित करता है, तो वह वास्तव में ईश्वर की ही सेवा करता है।

उन्होंने कहा कि डॉ. संदीप सरावगी द्वारा संघर्ष सेवा समिति के माध्यम से जरूरतमंदों, असहायों और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए जा रहे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। सेवा की यह भावना समाज में आपसी सहयोग, संवेदना और सद्भाव को मजबूत करती है।

महंत राजूदास जी महाराज ने कहा कि धन, पद और प्रतिष्ठा तभी सार्थक हैं, जब उनका उपयोग समाज और मानवता के हित में हो। बुंदेलखंड की धरती संतों, वीरों और सेवाभावी लोगों की धरती रही है और यहां सेवा की ऐसी परंपरा को आगे बढ़ाना अपने आप में पुण्य का कार्य है।

इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने महंत राजूदास जी महाराज का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि संतों का सानिध्य और आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने वाला होता है। उन्होंने कहा कि समाजसेवा उनके लिए कोई प्रदर्शन या उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक माध्यम है। संघर्ष सेवा समिति का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता और सेवा पहुंचाना है। संत-महात्माओं के आशीर्वचन से सेवा के इस संकल्प को और अधिक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने महंत राजूदास जी महाराज द्वारा दिए गए आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

संघर्ष सेवा समिति कार्यालय से प्रस्थान कर महंत राजूदास जी महाराज ने श्री रामराजा सरकार, ओरछा के दर्शन-पूजन किए। ओरछा धाम में रामराजा सरकार के दर्शन के दौरान उन्होंने सनातन संस्कृति की समृद्ध परंपरा, राष्ट्र एवं समाज के कल्याण तथा जन-जन में सद्भाव की कामना की। धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के उपरांत महंत राजूदास जी महाराज गोरखपुर के लिए प्रस्थान कर गए। उनका गोरखपुर में माननीय मुख्यमंत्री जी के साथ श्री गोरक्षनाथ मंदिर में भेंट एवं दर्शन-पूजन का कार्यक्रम है।

महंत राजूदास जी महाराज का यह प्रवास धार्मिक आस्था, संत परंपरा, सामाजिक सेवा और सनातन संस्कृति के विभिन्न आयामों को एक सूत्र में जोड़ने वाला रहा। जालौन से लेकर भांडेर, दतिया, झाँसी और ओरछा तक उनके प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

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