इतिहासिक अगस्त क्रांति,1942 के “भारत छोड़ो आंदोलन” की 84वीं वर्षगांठ पर गोष्ठी का आयोजन
“करो या मरो” केवल एक नारा नहीं , बल्कि भारत की आज़ादी का संकल्प था : डॉ अनिल दीक्षित, डीन लॉ देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी विश्व मानवता एवं अहिंसा के पुजारी थे महात्मा गाँधी : डॉ. सुशील कुमार सिँह देहरादून ! रिसर्च फाउंडेशन ऑफ़ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के तत्वाधान में, अगस्त क्रांति,1942 के ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’…
